कौन बड़ मूर्ख (Ivan searches biggest fool in the World)

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In this Russian flok tale, Ivan searches for biggest fool in the word and end up finding too many.

Complete Story in Hindi

एक बूढ़ी और के दो बेटे थे। उनका नाम इवान और तात्या था। वह दोनों को बहुत प्यार करती थी। एक बार एक दुर्घटना में बुढि़या का बेटा तात्या मारा गया।

hindi short story for kids with moraतात्या की मौत से बुढि़या बहुत दुखी थी। एक दिन इवान को किसी काम के सिलसिले में गांव से बाहर जाना पड़ा, तभी एक सिपाही बुढि़या के पास आया। बुढि़या ने उससे पूछा-”भैया, तुम कहां से आए हो?“

‘‘मां, मैं दूसरी धरती का रहने वाला हूँ।’’ सिपाही बोला।

‘‘अच्छा तो तुमने मेरे बेटे तात्या को भी देखा होगा ? कैसा है मेरा बेटा तात्या।’’

‘‘तात्या को मैंने कई बार देखा है। परंतु वह बहुत परेशान है।’’

‘‘क्यों ?’’ बुढि़या घबराते हुए बोली।

‘‘माँ, तात्या को बिल्ली की पीठ पर बैठकर 50 मील दूर जाना पड़ता है। फिर घोड़ों को सूखी झाडि़यां खिलानी पड़ती है।’’ सिपाही बोला।

‘‘अच्छा, फिर तो मेरे बेटे को बहुत मेहनत करनी पड़ती होगी। वह घोड़े को सूखी झाडि़यां कैसे खिलाता होगा, यहां तो ऊंट झाडि़यां खाते है।’’

बुढि़या कहकर भीतर चली गई। उसके पास 100 रूबल और 10 मीटर कपड़ा व नए जूते रखे थे। उन्हें उठाकर सिपाही को दे दिया और बोली- ‘‘इन चीजों को मेरे बेटे को दे देना। वह बेचारा परेशान होगा।’’

सिपाही सामान लेकर खुशी-खुशी चला गया। कुछ समय बाद इवान वापस आया तो मां ने सारी बात इवान को बताई। इवान सुनकर क्रोधित हो उठा कि क्या बेवकूफी करती हो ? वह सिपाही तुम्हंे ठग कर ले गया है। मुझे लगता है कि दुनिया में कोई तुमसे बड़ा मूर्ख नहीं होगा। मैं घर से बाहर जा रहा हूँ और तभी लौटूंगा जब इससे भी बड़ा मूर्ख ढंूढ़ लूंगा।

इवान घर से काफी दूर निकल गया। उसने देखा कि एक घर के बाहर बड़े तगड़े मुर्गे-मुर्गियां खेल रहे हैं। उसने झुककर एक मुर्गी को प्यार किया और दंडवत प्रणाम किया। उस घर की मालिकिन खिड़की से यह सब देख रही थी। उसने इवान को भीतर बुलवाकर पूछा- ‘‘यह क्या कर हरे थे ?’’

इवान ने उस स्त्री का अभिवादन कर कहा – ‘‘यह मुर्गी मेरी मुर्गी की बड़ी बहन है। कल मेरी मुर्गी की शादी है, अतः आपकी मुर्गी को सपरिवार दावत देने आया हूँ, आपको कोई एतराज तो नहीं।’’

स्त्री मन ही मन इवान की बेवकूफी पर हंसने लगी और बोली – ‘‘मेरी मुर्गी अपने परिवार सहित विवाह में जरूर जाएगी। पर उन्हें दाना जरा जमकर खिलाना और हां विवाह की मिठाई भी इनके साथ खूब सारी भेजना।’’

‘‘क्यों नहीं, जल्दी ही मिठाई लेकर मुर्गी आएगी।’’ इवान ने कहा। स्त्री ने एक बैलगाड़ी में बिठाकर मुर्गे-मुर्गे व चूजे इवान को सौंप दिए और बैलगाड़ी में खाली टोकरी रखवा दी। वह मन ही मन खुश होने लगी कि दो-चार दिन मुर्गी को दाना इवान खिलाएगा, फिर मुर्गी मिठाई की टोकरी लेकर वापस लौटेगी। इवान सब कुछ लेकर चला गया।

स्त्री का पति वापस आया तो पत्नी ने हंसकर सारा किस्सा बयान कर दिया- ‘‘कैसा बेवकूफ आदमी था, मुर्गी से रिश्तेदारी लेकर आया था।’’

‘‘बेवकूफ तो मुम हो।’’ क्रोधित होेते हुए पति बोला-‘‘वह तुम्हें ठग कर ले गया और तुमने खुशी से सब कुछ उसके हवाले कर दिया, यहां तक कि बैलगाड़ी भी जाने के लिए दे दी।’’

पत्नी पछताने लगी और बोली-‘‘वह आदमी अभी एक घंटा पहले ही गया है, ज्यादा दूर नहीं गया होगा, कृपया कुछ कीजिए। नौकर को भेजकर पकड़वा लीजिए।’’

पति को और कुछ न सूझा। अपना घोड़ा और बंदूक लेकर उसी दिशा में चल दिया जिधर वह व्यक्ति गया था।

इवान काफी दूर जंगल में पहुंच चुका था। अचानक घोड़े की आवाज सुनकर उसे लगा कि हो सकता है कि मुर्गी-बैलगाड़ी का मालिक उसे ढूंढ़ने आ रहा हो। उसने जल्दी से बैलगाड़ी झाडि़यों की आड़ में छिपा दी।

बैलगाड़ी से टोकरी निकालकर थोड़ी दूर ले जाकर उसे उल्टा करके उस पर अपनी कमीज ढक दी। फिर टोकरी के सामने बैठकर घोड़े पर आने वाले का इंतजार करने लगा। कुछ ही क्षणों में वह व्यक्ति आ पहंुचा।

उसने पूछा-‘‘क्या तुमने इधर से किसी आदमी को मुर्गी, मुर्गे व चूजे को बैलगाड़ी पर ले जाते देखा है।’’

‘‘हां, श्रीमान देखा है, परन्तु अब तो वह काफी दूर निकल चुका होगा।’’ इवान ने कहा।

‘‘ठीक है, मैं उसे पकड़ने जाता हूँ।’’ स्त्री का पति बोला।

‘‘लेकिन जंगल के टेढ़े-मेढ़े रास्ते आपको मालूम हैं न ?’’ इवान ने पूछा।

‘‘नहीं, रास्ते तो नहीं मालूम। जाओ भाई, तुम उसे पकड़ लाओ, मैं तुम्हें इनाम में दो सौ रूबल दूंगा।’’ पति बोला।

‘‘लेकिन मैं नहीं जा सकता। मैं बोलने वाले तोतों का जोड़ा खरीदकर लाया हूँ, जो बहुत महंगा है। यह जोड़ा लोगों का भविष्य बताता है। यदि टोकरे के नीचे से एक भी तोता निकल गया तो मैं कहीं का न रहूंगा।’’ इवान ने मासूमियत से कहा।

‘‘अरे भाई, तोता उड़ गया तो उसकी कीमत ले लेना।’’

‘‘तीन-तीन सौ रूबल के दो तोते खरीदे हैं। मुझे क्या पता कि बाद में तुम मुझे रूबल दोगे या नहीं।’’

उस व्यक्ति ने उसे यकीन दिलाने के लिए छः सौ रूबल दिए, फिर कहा- ‘‘अब तो जाओ और उस व्यक्ति को पकड़कर लाओ।’’

‘‘लेकिन मैं जाऊँगा कैसे ?’’ इवान ने पूछा

‘‘मैं तब तक तुम्हारे तोतों की रखवाली करता हूँ, तुम मेरा घोड़ा ले जाओ और उस आदमी को पकड़कर लाओ। हो सकता है वह आसानी से न माने, मेरी बंदूक भी ले जाओ।’’ पति ने कहा।

इवान ने रूबल, घोड़ा और बंदूक ली और नौ दो ग्याहर हो गया। वह व्यक्ति शाम तक इवान के वापस आने का इंतजार करता रहा, फिर टोकरा उठाकर देखा तो टोकरा खाली देख रो पड़ा।

इवान अपने घर वापस पहुंचा और मां से बोला- ‘‘इस दुनिया में बहुत बड़े-बड़े मूर्ख हैं।’’ और सारा किस्सा सुनकर हंसने लगा। फिर अगले दिन बैलगाड़ी और मुर्गी भी जंगल से ले आया।

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