ईष्र्या (Poor Farmer loses Cattle due to Jealousy)

  1. Previous
  2. Next
  3. Recent

    1. Signs 'He' May be Cheating on You
    2. 7 Vows of Hindu Marriage - Know What 'Saat Vachans' Mean
    3. RuPay vs Visa vs Mastercard vs American Express- A Comparison
    4. What is RuPay? Everything You Need to Know About India's Domestic Payment System!
    5. Top 10 Online Portals to Find a High Paying Job in India
    6. Top Indians who Revolutionized the IT Sector in India
    7. 8 Initiatives by Narendra Modi that Could Change the Future of the Nation
    8. 8 Work-from-home Jobs for Housewives, Students, and Part timers
    9. Complete Company Registration Process in India - Explained
    10. Change Name in India in 5 Steps - Filing Affidavit, Newspaper Ad & Gazette Notification

A Bulgarian folk tale of a poor farmer who loses an opportunity to get free cattle due to his jealousy nature.

Moral of the Story: Jealousy can be a Destructive Emotion

Complete Story in Hindi

बहुत पहले की बात है। एक गरीब किसान एक गांव में रहता था। उसके पास एक बहुत छोटा सा खेत था जिसमें कुछ सब्जियां उगा कर वह अपना व अपने परिवार का पेट पालता था।

hindi story for kids with moralगरीबी के कारण उसके पास धन की हमेशा कमी रहती थी। वह बहुत ईष्र्यालु स्वभाव का था। इस कारण उसकी अपने अड़ोसी-पड़ोसी व रिश्तेदारों से बिल्कुल नहीं निभती थी।

किसान की उम्र ढ़लने लगी थी। अतः उसे खेत पर काम करने में काफी मुश्किल आती थी। खेत जोतने के लिए उसके पास बैल नहींे थे। सिंचाई के लिए वर्षा पर निर्भर रहना पड़ता था। खेत में या आस-पास कोई कुआं भी नहीं था, जिससे वह अपने खेतों की सिंचाई कर सके।

एक दिन वह अपने खेत से थका-हारा लौट रहा था। उसे रास्ते में सफेद कपड़ों में सफेद दाढ़ी वाला एक बूढ़ा मिला। बूढ़ा बोला-’’क्या बात है, भाई, बहुत दुखी जान पड़ते हो?“

किसान बोला-’’क्या बताऊं बाबा, मेरे पास धन की बहुत कमी है। मेरे पास एक बैल होता तो मैं खेत की जुताई, बुआई और सिंचाई का सारा काम आराम से कर लेता।’’

बूढ़ा बोला-’’अगर तुम्हें एक बैल मिल जाये तो तुम क्या करोगे?“

’’तब मेरी खुशी का ठिकाना नहीे रहेगा। मेरी खेती का सारा काम बहुत आसान हो जाएगा पर बैल मुझे मिलेगा कहां से?’’ किसान बोला ।

’’मैं आज ही तुम्हें एक बैल दिए देता हूं। यह बैल घर ले जाओ और घर जाकर अपने पड़ोसी को मेरे पास भेज देना।’’बूढ़े ने कहा।

किसान बोला-’’आप मुझे बैल दे देंगे, यह जानकर मुझे बहुत खुशी हुई। परंतु आप मेरे पड़ोसी से क्यों मिलना चाहते हैं।

बुढ़ा बोला-’’अपने पड़ोसी से कहना कि वह मेरे पास आकर दो बैल ले जाए।“

बूढे़ की बात सुनकर किसान को भीतर ही भीतर क्रोध आने लगा। वह ईष्र्या के कारण जल-भुन कर रह गया। वह बोला-’’आप नहीं जानते कि मेरे पड़ोसी के पास सब कुछ है। यदि आप मेरे पड़ोसी को दो बैल देना चाहते हैं। तो मुझे एक बैल भी नहीं चाहिये।

बूढे़ ने बैल को अपनी ओर खींच लिया और कहा-’’क्या तुम जानते हो कि तुम्हारी समस्या क्या है? तुम्हारी समस्या गरीबी नहीें ईष्र्या है। तुम्हें जो कुछ मिल रहा है, यदि तुम उसी को देखकर संतुष्ट हो जाते और पड़ोसियों व रिश्तेदारों की सुख-सुविधाओं से ईष्र्या न करते तो शायद संसार में सबसे ज्यादा सुखी इंसान बन जाते।

इतना कहकर बूढ़ा जंगल में ओझल हो गया। किसान मनुष्य की ईष्र्यालु प्रवृति के बारे में सोचने लगा।

blog comments powered by Disqus